
श्री बंशीधर नगर। जंगीपुर गांव के आदिवासियों की जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाकर उन्हें वापस दिलाने की मांग को लेकर जनआंदोलन तेज हो गया है।
शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया चौबे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उरांव समाज के महिला-पुरुषों ने अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम मांग पत्र अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा को सौंपा।

इससे पहले प्रदर्शनकारी गोसाईंबाग मैदान से तिरंगा झंडा लेकर जुलूस के रूप में अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। इस दौरान भू-माफियाओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमीन पर वास्तविक कब्जा दिलाने की मांग की गई।

राज्यपाल के नाम सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि यदि 31 अगस्त तक रैयती जमीन वापस नहीं दिलाई गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंतिम सप्ताह में पीड़ित परिवारों के साथ रांची स्थित राजभवन का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वर्ष 1989 में उरांव पक्ष के समर्थन में एक अदालती आदेश जारी हुआ था। आरोप है कि मामले में सीएनटी एक्ट की धारा 71ए के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई अब तक पूरी नहीं की गई। कन्हैया चौबे ने कहा कि बेदखली और जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने से संबंधित पत्र गत 23 जुलाई को एसडीओ कार्यालय को भी प्राप्त हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वास्तविक दखल-दहानी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
कन्हैया चौबे ने कहा कि लंबे समय से कानूनी आदेश के बावजूद पीड़ित उरांव परिवार अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर जमीन का मालिकाना हक और वास्तविक कब्जा वापस दिलाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 31 अगस्त तक मांग पूरी नहीं हुई, तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में पीड़ित परिवारों के साथ रांची राजभवन का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में नगीना उरांव, नंदू उरांव, रामशरण उरांव, अरुण उरांव, गोविंद कुमार उरांव, सूरज उरांव, शिव उरांव, शंभू उरांव, विकास उरांव, अखिलेश उरांव, रंजन उरांव, पूजा देवी, अमरावती देवी, मूर्ति देवी, पानपति देवी, भागमती देवी, देवंती देवी, आरती देवी, सूरजी देवी, कांति देवी, लालती देवी समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।






